*जिले के सभी विकासखण्ड हेतु चार चलित पशु चिकित्सा इकाई वाहन को जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा हरी झंडी दिखा कर किया गया रवाना* - reporterkranti.in

reporterkranti.in

RNI NO CHHHIN/2015/71899

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Tuesday, September 26, 2023

*जिले के सभी विकासखण्ड हेतु चार चलित पशु चिकित्सा इकाई वाहन को जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा हरी झंडी दिखा कर किया गया रवाना*




दंतेवाड़ा-कलेक्टर  विनीत नंदनवार के निर्देशानुसार पशुधन विकास विभाग द्वारा पशु चिकित्सा एवं पशुधन की वृद्धि, देख रेख के सम्बन्ध में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में आज जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा द्वारा माँ दन्तेश्वरी मंदिर में विधिवत् पूजा अर्चना कर चारो विकासखण्ड हेतु चार चलित पशु चिकित्सा इकाई वाहन को गौठानों एवं ग्रामों में त्वरित पशु चिकित्सा सेवा हेतु हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। तथा इस अवसर पर डॉ. एस जहीरूदीन उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवायें, डॉ. श्यामा मालवीय डॉ. सरिता सोम, डॉ. सुरेन्द्र कुमार मरकाम, डॉ. मनोज यादव, डॉ. सुधीर भगत, डॉ. मनोहर चन्द्राकर, डॉ. अभिषेक राव, डॉ. रजत रतनायके, डॉ. विनय जांगड़े एवं विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस सम्बन्ध में उपसंचालक डॉ. एस जहीरुद्दीन ने बताया कि मोबाईल पशु चिकित्सा इकाई स्थापित किये जाने का मुख्य उद्देश्य सेवा वितरण तंत्र को मजबूत करना, ताकि विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की बेहतर पहुंच सुनिश्चित हो सके तथा पशुओं की उत्पादकता में वृद्धि हो सके। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवायें प्रदान करने के अलावा सुराजी गांव योजना अंतर्गत स्थापित गौठानों, गौदान ग्राम में एम्बुलेटरी सेवा (प्रजनन, उपचारात्मक, निवारक) प्रदान करना, सामान्य स्वास्थ्य स्थिति की जांच करना और पशुधन का इलाज करना, बीमारी का पता लगाने के लिए ‘‘ऑन द स्पॉट‘‘ रोग जॉच सेवा प्रदान करना, क्षेत्र में प्रचलित सामान्य बीमारियों का पता लगाना, पशुधन और कुक्कुट रोगों की निगरानी करना, रोग उद्भेद को नियंत्रित करना, विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार उत्पादकता में सुधार के लिए लोगों को उचित आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित करना, पशुओं के रोग प्रतिबंधात्मक टीकाकरण, उपचार और अन्य विभागीय सेवाओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। ज्ञातव्य है कि मोबाईल पशु चिकित्सा इकाई सर्विस प्रोवाइडर के माध्यम से संचालित की जानी है, जिसमें एक पशु चिकित्सक, पैरावेट तथा ड्राईवर कम हेल्पर होंगे इसके तहत प्रत्येक विकास खण्ड स्तर पर एक मोबाईल वेटेनरी चलायें जाने की योजना है, और किसी-किसी बड़े विकासखण्ड में पशु संख्या के आधार पर 02 मोबाइल वेटनरी यूनिट चलाया जावेगा। उक्त मोबाइल वेटनरी यूनिट में सारे  उपभोग्य अर्थात उपचार हेतु औषधि, प्रतिबन्धात्मक टीकाकरण हेतु टीकाद्रव्य, कृत्रिम गर्भाधान हेतु सीमेन स्ट्रा, रोग अन्वेषण हेतु रक्त पट्टिका, गोवर आदि की जांच सुविधा उपलब्ध रहेगी। मोबाइल वेटनरी यूनिट वाहन विकासखण्ड स्तरीय कार्यालय पर तैनात रहेगा मोबाइल वेटनरी यूनिट संचालन का समय सामान्यतः 08ः00 से 04ः00 तक होगा और कैम्प आयोजित कर पशुओं का उपचार, टीकाकरण, सैम्पल कलेक्शन एवं जाँच कृत्रिम गर्भाधान एवं विभागीय स्कीम का प्रचार-प्रसार इत्यादि कार्य सम्पादित किया जाये मोबाइल वेटनरी यूनिट द्वारा मुख्यत गौदाना, गौठान ग्रामों में रोस्टर अनुसार नियमित सेवा प्रदाय की जायेगी, आपातकालीन स्थिति में ग्रामीण,शहरी क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार मोबाइल वेटनरी यूनिट द्वारा पशु चिकित्सा सेवायें भी दी जायेगी। मोबाइल वेटनरी यूनिट के स्टाफ को टीकाकरण हेतु टीकाद्रव्य व कृत्रिम गर्भाधान हेतु एल एन टू गैस, सीमेन इत्यादि विभाग की तरफ से प्रदाय किया जायेगा विकासखण्ड स्तर पर पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ, विकासखण्ड मोबाइल वेटनरी यूनिट के प्रभारी अधिकारी तथा जिला स्तर पर पशु चिकित्सा सहायक शल्यत प्रभारी मोबाईल पशु चिकित्सा इकाई प्रभारी अधिकारी होंगे, जो मोबाइल वेटनरी यूनिट के द्वारा सम्पादित कार्यों का अनुशीलन एवं अनुश्रवण समस्त प्रकार की रिपोर्टिंग हेतु जवाब देह होंगे इस सम्बन्ध में ग्राम पंचायत अथवा गोठान में मोबाइल वेटनरी यूनिट के भ्रमण की तिथि निर्धारित है। राज्य स्तर पर एक कॉल सेंटर संचालित होगा, जिसमें 03 पशु चिकित्सक एवं 10 कर्मचारी होंगे। कॉल सेंटर प्रतिदिन 08ः00 से 04ः00 तक संचालित  होंगे यहां टोल फ्री 1962 नम्बर पर डॉल किया जाकर कोई भी पशु पालक चिकित्सा कॉल सेंटर से परामर्श प्राप्त कर सकेगा।

Post Bottom Ad

ad inner footer