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Thursday, July 9, 2020

दिल्ली एम्स में कोरोना मृतकों के शवों की अदला-बदली मामले में कार्रवाई, 2 कर्मचारियों को किया निलंबित

नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े अस्पताल राजधानी दिल्ली के एम्स में लापरवाही का मामला सामने आया है। कोरोना मरीजों के इलाज में जुटे अस्पताल में इस महामारी से संक्रमित 2 महिलाओं की मौत के बाद उनके शवों की अदला-बदली हो गई थी। अब अस्पताल ने इस मामले में अपने दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। एक परिवार की शिकायत के बाद इस मामले का खुलासा हुआ था।

2 कर्मचारी निलंबित

 बुधवार 8 जुलाई को एम्स में शवों की अदला-बदली की जानकारी सामने आई थी। इस मामले में सबसे बड़ी बात ये थी कि दोनों शव अलग-अलग समुदाय की महिलाओं के थे और इसमें से एक परिवार ने अंतिकम क्रिया-कर्म भी पूरा कर दिया था।
हालांकि दूसरे परिवार ने जब शव का चेहरा देखा तो वो हैरान रह गए और फिर उन्होंने अस्पताल में जाकर इसकी शिकायत की और इस लापरवाही पर हंगामा मचाया। इस मामले के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस ड्यूटी से जुड़े दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है।
दरअसल अस्पताल से शवों को पैक करके सौंपा जाता और इन्हें खोलने की इजाजत नहीं होती है। शवों की पहचान करने के लिए उस पर मतृक का नाम या फिर कोई चिन्ह आदि लिखा जाता है।हालांकि अब दूसरे शव का भी अंतिम संस्कार किया जा चुका है और पुलिस भी इस मामले की जांच कर रही है।

पहले भी बदले जा चुके हैं शव

देश की राजधानी में कोरोना से मरने वालों के शव बदलने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। गौरतलब है कि इससे पहले लोकनायक अस्पताल और एम्स में ही शव बदले जाने की शिकायतें सामने अईं थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रशानसन ने फिर लापरवाही कर दी।

दफनाने के वक्त चला पता

जानकारी के मुताबिक, अंजुम नाम की महिला उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली थी। 4 जुलाई को इसके परिजन एम्स ट्रॉमा सेंटर में इन्हें भर्ती करने आए थे। टेस्टिंग के बाद पता लगा कि इस महिला को कोरोना संक्रमण है। इलाज के दौरान 6 जुलाई को महिला की मौत हो गई। अंजुम का परिवार दिल्ली के एक कब्रिस्तान में शव को दफनाने की तैयारी कर रहा था। एम्स ट्रॉमा सेंटर से जब शव पहुंचा और परिजनों ने उसका चेहरा देखा तो उन्हें पता लगा कि शव को दूसरी महिला के शव के साथ बदल दिया गया है। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दी।

जांच के लिए एम्स ने बनाई कमेटी

अस्पताल प्रशासन की जांच में पता लगा कि अंजुम के शव को किसी अन्य परिवार को लापरवाही के तहत दे दिया गया है और वह परिवार अंजुम के शव का अंतिम संस्कार कर चुका है। अंजुम के परिवार के गफ्फार ने बताया कि 6 महीने पहले अंजुम के पति का भी इंतकाल हो गया था। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। अस्पताल के इस लापरवाही के बाद मासूम बच्चों को अपनी मां का आखरी वक्त पर चेहरा भी देखने को नसीब नहीं हुआ। एम्स प्रशासन ने मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई है और लापरवाही के आरोप में एक कर्मचारी को निलंबित भी किया है।

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