महासमुंद - कृषि साख सहकारी समिति कुरचुण्डी पंजीयन क्रमांक 856 में कलेक्टर के निर्देशानुसार तहसीलदार बसना के मार्ग दर्शन में राजस्व निरीक्षक, पटवारी एवं मंडी की संयुक्त जांच टीम के द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया। भौतिक सत्यापन के दौरान 3325 बोरी धान की कमी पाई गई। एस डी एम बसना के द्वारा जांच कर प्रतिवेदन कलेक्टर महासमुंद को सौंपा गया। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने तत्काल कुरचुण्डी धान खरीदी केंद्र प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर का आदेश दिया गया। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित शाखा गढ़फुलझर के शाखा प्रबंधक एन के चौरसिया ने बसना थाना पहुंच कर एफआई आर दर्ज करवाया गया। कुरचुण्डी धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध बसना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5) के तहत् मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
बता दें कि जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और किसान हितैषी बनाये रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए लगातार कड़ी और निर्णायक कार्यवाहियां की जा रही है। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर धान उपार्जन केंद्र कुरचुण्डी में अनियमितता पाये जाने के बाद वहां के धान खरीदी प्रभारी के विरुद्ध एफआईआर (पुलिस प्राथमिकी) दर्ज कराने के आदेश दिये गये।
प्रशासन द्वारा गठित जांच दल की विस्तृत जांच प्रतिवेदन में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि धान खरीदी प्रभारी क्षमानिधि साव द्वारा धान खरीदी नीति 2025–26 का घोर उल्लंघन करते हुए केंद्र के धान स्टॉक में 3325 बोरी धान की कमी की गई है। यह कमी कुल 1330 क्विंटल धान की है, जिसका समर्थन मूल्य 31,50,770 रूपये, कृषक उन्नति योजना राशि 9,72,230 रूपये बाजार कीमत रूपये (अक्षरों में इकतालीस लाख तेईस हजार रूपये) आंकी गई है। जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर वित्तीय अनियमितता, शासन को प्रत्यक्ष आर्थिक क्षति पहुंचाने वाला और समिति की साख को धूमिल करने वाला कृत्य है। जांच में यह भी सामने आया कि खरीदी प्रभारी द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, नियमों की अवहेलना और गंभीर अनियमितता की गई है। इन तथ्यों के आधार पर कलेक्टर के निर्देशानुसार संबंधित के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराये जाने का आदेश दिया गया है।
*कलेक्टर का सख्त संदेश ,धान के गबन करने वाले को नहीं बख्शा जायेगा
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि शासन की धान खरीदी नीति किसानों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए बनाई गई है। इसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या हेराफेरी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि चाहे कोई अधिकारी हो या कर्मचारी, यदि धान खरीदी प्रक्रिया में अनियमितता करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी और दोषी को सीधे जेल जाना पड़ेगा। जिले में प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है। नोडल अधिकारियों, एसडीएम, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर दिन-रात औचक निरीक्षण कर रहे हैं। विशेष रूप से रात के समय भी धान खरीदी से संबंधित अवैध गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है, ताकि किसानों के हक से किसी भी स्तर पर खिलवाड़ न हो सके। कुरचुण्डी उपार्जन केंद्र में की गई यह कार्रवाई जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों के लिए कड़ा और स्पष्ट संदेश है कि अब अनियमितता, लापरवाही या भ्रष्टाचार की कीमत सीधे एफआईआर, कानूनी कार्रवाई और जेल के रूप में चुकानी होगी। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धान खरीदी में गड़बड़ी करने वालों के लिए अब कोई राहत नहीं, केवल कार्यवाही होगी।




