पुलिस महानिदेशक से लगाई गुहार, तब आरोपी हुए गिरफ्तार, बसना पुलिस ने डेढ़ महीनों से खुले घूम रहे आरोपियों को कैसे पकड़ लिया तीन ही दिनो में? - reporterkranti.in

reporterkranti.in

RNI NO CHHHIN/2015/71899

Breaking

Home Top Ad

Post Top Ad

Friday, August 21, 2020

पुलिस महानिदेशक से लगाई गुहार, तब आरोपी हुए गिरफ्तार, बसना पुलिस ने डेढ़ महीनों से खुले घूम रहे आरोपियों को कैसे पकड़ लिया तीन ही दिनो में?

बसना पुलिस उक्त मामले को लेकर सवालों के घेरे में


सेवकदास दीवान, बसना। मामला गत डेढ़ माह पूर्व का है जब बसना थानान्तर्गत यह मामला आया था जिसमे एक 12 साल के नाबालिक किशोर के साथ मे ब्लेक मेलिंग किए जाने का आवेदन दिया  गया था। जिसपर बसना थाना के प्रभारी द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने तथा शिकायत दर्ज कराने गए परिजन के सामने ही अपनी पीड़ा व्यक्त करने वाले नाबालिक प्रार्थी को ही फटकार लगाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया । थाना प्रभारी के द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने के चलते पीड़ित परिवार ने महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के सामने इसकी शिकायत की गई थी। जिसपर एस पी ठाकुर के निर्देश जारी किए जाने पर थाना प्रभारी द्वारा एफआईआर दर्ज किया गया था। परंतु आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की और न गिरफ्तार करने मे कोई रूचि दिखाई।  वह लोग बेखौफ होकर पुलिस के नाक के नीचे सीना चौड़ा करके घूम रहे थे ।

उक्त पीड़ित परिवार को जब फिर भी लगा के उनके द्वारा कार्यवाही की जो मांग की गई है उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है तब 14 अगस्त को पीड़ित परिवार पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ के समक्ष अपनी फरियाद लेकर पहुंचे जहां पीड़ित परिवार की मुलाकात पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी रायपुर से नहीं हो पाई थी पीड़ित परिवार ने अपना आवेदन पुलिस महानिदेशक के नाम कार्यालय में पदस्थ अन्य अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर लौट आए थे इस बात की खबर को मीडिया जगत ने गंभीरता से लेकर प्रकाशन किया जिससे स्थानीय बसना पुलिस हरकत में आई और 3 दिन में ही इस मामले में लिप्त अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया । 

(1) बसना पुलिस के ऊपर सवाल तो तब उठता है। कैसे इतने दिनों तक एफ आई आर दर्ज किए जाने के बावजूद उक्त आरोपी खुले घूम रहे थे ?

(2) आज इतने दिनों बाद कैसे बसना पुलिस को बच्चे का मेडिकल परीक्षण कराने का सुध आया,

और इससे क्या हासिल होगा ?

(3) क्यों बसना पुलिस द्वारा तत्काल मामले पर गंभीरता नहीं दिखाई, क्यों जाना पड़ा पीड़ितों को छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के चौखट पर ?

यह सारे ऐसे सवाल हैं जो स्थानीय बसना पुलिस खासकर थाना प्रभारी पर सवाल खड़ा करता है। जिनका जवाब अब तक बसना पुलिस द्वारा नहीं दिया गया, 

बसना थाना के विवेचक ए एसआई शिव कुमार प्रसाद इस पर कहते हैं कि यह एक बाल अपराध का मामला है जिसकी कोई भी जानकारी नहीं दे सकते।

ऐसे में सवाल यह आता है कि यदि यह एक बाल अपराध का मामला था तो दोषियों को क्यों खुला छोड़ रखे थे, क्यों इसे गंभीरता पूर्वक संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्यवाही नहीं की गई है । आज जब इसकी फरियाद पुलिस मुख्यालय तक पहुंची तो इन साहब को बाल अपराध का मामला नजर आया है, इन सबसे  स्पष्ट प्रतीत होता है कि बसना पुलिस दोषियों को राहत देने का काम कर रही है। जो इनके द्वारा दिए जा रहे गोल मटोल जवाब से पता चलता है।

एक तरफ प्रदेश में छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन पीड़ितों कि हर बात को गंभीरता से सुनने और सही कार्यवाही करने प्रदेश भर के सभी थाना को निर्देश जारी किया जाता है तो वहीं बसना थाने में ऐसे भी सवालिया  मामला देखने को मिलता है ।

Post Bottom Ad

ad inner footer