महासमुंद। बसना थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक पीड़ित परिवार लगातार इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं। किंतु पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक उनकी फरियाद को नहीं सुना गया । जिसके चलते उक्त पीड़ित परिवार ने इंसाफ की गुहार तथा प्रार्थी होने के बावजूद उन्हें ही प्रताड़ित करने वाले स्थानीय महिला पुलिस थाना प्रभारी पर कार्यवाही की मांग को लेकर पुलिस महानिदेशक श्री डीएम अवस्थी के नाम आवेदन दिया गया है ।
पीड़ित परिवार ने अपने पुत्र को ब्लैकमेल करने वाले की गिरफ्तारी तथा स्थानीय थाना प्रभारी के द्वारा नाबालिक प्रार्थी के ऊपर प्रताड़ना किए जाने पर कार्यवाही की मांग पुलिस महानिदेशक को किया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार हुए इस कार्यवाही की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक व थाना के समक्ष कई बार जा चुके हैं लेकिन अब तक उनकी फरियाद नहीं सुनी जा रही है ।
दिनांक 14 अगस्त को पीड़ित परिवार द्वारा छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक के पास इस मामले पर कार्यवाही हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया है हालांकि पीड़ित परिवार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के कार्यालय में श्री अवस्थी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई उन्होंने लिखित आवेदन कार्यालय में दिया है आवेदन को देखकर कार्यालय में कार्यरत लोगों के द्वारा आश्वस्त किया गया है कि कार्यवाही की जाएगी किंतु अब तक किसी प्रकार से कोई कार्यवाही नहीं दिखी ।
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने पुलिस कर्मियों द्वारा आम जनों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार को बड़ी गंभीरता से लिया गया है । तथा पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी द्वारा भी छत्तीसगढ़ की जनता को आश्वस्त करते हुए पुलिस विभाग के द्वारा आम नागरिकों से सौहार्दपूर्ण व्यवहार किए जाने को निर्देश जारी किए गए हैं । श्री अवस्थी ने कहा है कि ऐसे कोई मामला यदि उन तक पहुंचता है जिसमे पुलिस प्रशासन की छबि पर कोई आंच आए तो संबंधित ऐसे किसी भी पुलिस अधिकारी कर्मचारियों को नहीं बख्शा जाएगा ।
बसना थाने का यह मामला है जहां एक नाबालिक को ब्लैक मेलिंग करने वाले अपराधी खुलेआम घूमते हैं और शिकायत लेकर थाना पहुंचे नाबालिक प्रार्थी को ही महिला थाना प्रभारी द्वारा धमकाया व पीटा जाता है, यह कैसा न्याय है जहां अपराधी को संरक्षण और निदोर्षों को प्रताड़ना मिलती है ।
पीड़ित परिवार उच्च स्तर के अधिकारी तक अपनी फरियाद लेकर जाते हैं किंतु वहां भी इनकी फरियाद नहीं सुनी जाती ?
आखिर क्यों इस मामले पर गंभीरता पूर्वक पुलिस प्रशासन की ओर से कार्यवाही नहीं की जा रही है। आखिर क्या वजह है कि गलत को बचाने का और सही को न्याय नहीं दिलाने का प्रयास किया जा रहा है ? पीड़ित परिवार ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया है कि यदि शीघ्र ही उनके निवेदन पर कार्यवाही नहीं दिखी तो वह पूरे परिवार सहित पुलिस महानिदेशक के कार्यालय के समक्ष जाकर भूखे प्यासे बैठकर धरना देंगे चाहे जो हो जाए, पुलिस प्रशासन के लिए एक पीड़ित परिवार की ओर से यह बहुत बड़ी चुनौती है और वह केवल इसलिए है क्योंकि पीड़ित परिवार केवल न्याय की मांग कर रहा है और उसे पुलिस प्रशासन अनदेखा कर रहा है ।
ऐसे में अब इनकी उम्मीद और आशाएं छत्तीसगढ़ राज्य के पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी पर टिकी हुई है कि अब शायद इस कड़ी की सुनवाई होगी।