बसना। आज पूरे देश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पावन धूम देखने को मिल रही है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़, भजन-कीर्तन की गूंज और 'जय श्रीकृष्ण' के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। राजधानी से लेकर ग्रामीण अंचलों तक, हर स्थान पर श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का मंचन, मटकी फोड़ प्रतियोगिताएं, और रासलीला के आयोजन हो रहे हैं।
उसी कड़ी में कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बसना स्थित कृषि उपज मंडी प्रांगण में सरस्वती शिशु मंदिर उच्च. माध्यमिक विद्यालय द्वारा भव्य श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक समारोह में क्षेत्रीय विधायक डॉ. संपत अग्रवाल मुख्य अतिथि शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधायक डॉ संपत अग्रवाल द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई।विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने पूजा अर्चना के बाद सभी उपस्थित जनों को जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं । अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि यह जीवन के हर क्षेत्र में संतुलन, नीति और प्रेम की स्थापना का प्रतीक है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी धर्म का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। आज के बच्चे यदि श्रीकृष्ण के आदर्शों को आत्मसात करें, तो वे न केवल अच्छे विद्यार्थी बनेंगे, बल्कि समाज के जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे।
विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की पौराणिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए स्कूली बच्चों को बताया कि श्रीकृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था । वे भगवान विष्णु के आठवें अवतार माने जाते हैं, जिन्होंने कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिलाकर धर्म की पुनर्स्थापना की। उनकी बाल लीलाएं,रासलीला, और महाभारत में अर्जुन को दिया गया गीता का उपदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं। जन्माष्टमी का पर्व हमें धैर्य, करुणा और कर्तव्य की भावना से जुड़ने का अवसर देता है।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित नृत्य, नाट्य और भजन प्रस्तुत किए। विशेष रूप से ‘कृष्ण लीला’, ‘मटकी फोड़’ और ‘रासलीला’ जैसे कार्यक्रमों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। बच्चों की भावपूर्ण अभिव्यक्ति, पारंपरिक वेशभूषा और मंच पर उनकी ऊर्जा ने पूरे माहौल को कृष्णमय बना दिया। तालियों की गूंज से मंडी प्रांगण गुंजायमान हो उठा।
विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने विद्यालय परिवार को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों में न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है, बल्कि वे अपनी जड़ों से जुड़ते हैं। श्रीकृष्ण की लीलाओं को मंच पर जीवंत करना एक साधना है, और आज इन नन्हे कलाकारों ने उसे बखूबी निभाया है।
कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर विधानसभा संयोजक एन. के. अग्रवाल, विद्यालय समिति अध्यक्ष रामचंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष रघुवीर श्रीवास्तव,स्कूल समिति पूर्व अध्यक्ष धनेश्वर साहू,वरिष्ठ सदस्य आनंद मदनानी,प्राचार्य धनुर्जय साहू,राजिम विभाग संघचालक यज्ञराम सिदार,पूर्व प्राचार्य रमेश कर, पूर्व आचार्य भोजराज प्रधान, कोषाध्यक्ष जितेंद्र अग्रवाल , सह सचिव सुश्री पुष्पलता साव, समिति सदस्यगण सावर अग्रवाल, सतीशचंद्र बेहरा, सुभाष चन्द्र शर्मा, ललिता रात्रे, समस्त आचार्य जी ,दीदी जी एवं स्कूल के छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।