महासमुंद (छत्तीसगढ़) – सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही नल जल प्रदाय योजना बरोली गांव में अधूरी पड़ी है। इस योजना के तहत हर घर में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक कार्य पूरा नहीं हो सका है। गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत गहराने लगी है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।1.30 करोड़ रुपये के लागत से बन रहा नल जल आज पर्यंत तक शुरू नहीं हुआ है।
गर्मी में बढ़ी समस्या, प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
गांव के लोगों का कहना है कि गर्मी के इस मौसम में जल संकट चरम पर पहुंच चुका है। ग्रामीणों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने करोड़ों रुपये की योजना हेतु स्वीकृत दी थी, लेकिन अब तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। पंचायत एवं ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी को भुगतान हो चुका है, फिर भी कार्य अधर में लटका हुआ है।
जल्द समाधान नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
पानी की किल्लत से परेशान ग्राम पंचायत बरोली के सरपंच श्रीमती सरोजिनी कौशिक के नेतृत्व में ग्राम पंचायत के पंचों ने कलेक्टर महासमुंद को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि पानी की विकराल समस्या का समाधान जल्द हो। ज्ञापन सौंपते के समय देवानंद साव उप सरपंच, प्रताप रूद्र साहू,कमलेश साव,चमरू दास मानिकपुरी,हीरालाल पटेल,धोबा चौहान, निर्मल सिदार,सबिलाल पटेल उपस्थित रहे।
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीणों को नल से जल उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन बरोली गांव में यह योजना सिर्फ कागजों में ही चल रही है। गर्मी के मौसम में जल संकट और गंभीर हो सकता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस समस्या का समाधान कब होगा।




