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Wednesday, January 7, 2026

जंगलबेड़ा सोलर प्लांट के विरोध में ग्रामीणों के बीच पहुँची विधायक चातुरी नंद

 



- अवैध कब्जा, तालाब-एनीकेट पाटने और रास्ता बंद करने का किया कड़ा विरोध

- मांगें नहीं मानी गईं तो धरना-प्रदर्शन की दी चेतावनी


सरायपाली 7 जनवरी 2025 : अंचल के ग्राम जंगलबेड़ा में निर्माणाधीन सोलर पावर प्लांट स्थापना के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों के बीच सरायपाली विधायक चातुरी नंद पहुँचीं और ग्रामीणों के साथ मौके पर जाकर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट प्रबंधन द्वारा जंगलबेड़ा–उड़ीसा मार्ग पर अवैध कब्जा, साथ ही तालाब एवं एनीकेट को पाटकर प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है, जिससे क्षेत्र की जलस्रोत व्यवस्था, आवागमन और ग्रामीणों के निस्तार अधिकार गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।



ग्रामीणों ने मौके पर उपस्थित विधायक चातुरी नंद को बताया कि अब तक ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा में अनुमति नहीं दी गई है उसके बावजूद धड़ल्ले से निर्माण किया जा रहा है। प्लांट प्रबंधन द्वारा सारे नियमों को धता बताते हुए निर्माण किया जा रहा है। बिना अनुमति ना केवल पेड़ कटाई की गई है बल्कि शासकीय जमीनों पर बिना अनुमति के टावर लगाए जा रहे है। 


विधायक चातुरी नंद ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि बिना ग्रामसभा की सहमति, पर्यावरणीय नियमों और वैधानिक स्वीकृतियों के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालाब, एनीकेट और सार्वजनिक रास्ते ग्रामीणों की सामूहिक संपत्ति हैं, जिन पर किसी निजी कंपनी द्वारा कब्जा करना कानूनन अपराध है।


निरीक्षण के दौरान विधायक ने प्लांट प्रबंधन को तत्काल अवैध कब्जा हटाने, तालाब-एनीकेट को पूर्व स्थिति में बहाल करने, तथा जंगलबेड़ा–उड़ीसा मार्ग को अवरोध-मुक्त रखने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन द्वारा ग्रामीणों की मांगों और कानून का सम्मान नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन एवं जनआंदोलन किया जाएगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्लांट प्रबंधन और प्रशासन की होगी।


विधायक चातुरी नंद ने मीडिया को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि “विकास के नाम पर ग्रामीणों के अधिकारों, जलस्रोतों और सार्वजनिक रास्तों का नुकसान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ग्रामसभा की सहमति और लीज डीड नियमों का पालन अनिवार्य है। यदि कंपनी ने अपनी मनमानी बंद नहीं की तो हम सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेंगे।”


इस मौके पर ग्राम पंचायत जंगलबेड़ा के सरपंच मधुवन भोई, उपसरपंच, टेकचंद चौधरी, किशन भोई, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रूपानंद पटेल, पूर्व जनपद सदस्य सरिता प्रधान, संजय प्रधान, हीरालाल प्रधान,प्रदीप कर, विधायक प्रतिनिधि दीपक साहू, कैलास चौधरी, जुगलकिशोर भोई, छात्री भोई, हरेराम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने विधायक को भरोसा दिलाया कि वे अपने हक और पर्यावरण की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।



*विधानसभा में उठ चुका है मामला*

विधायक चातुरी नंद ने इस पूरे मामले को विधानसभा में भी उठाया था जहां मंत्री ने अपने जवाब में यह माना था कि ग्राम सभा की अनुमति प्लांट प्रबंधन को नहीं मिला है।


*सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का खुला उल्लंघन*

निस्तार की जमीन रास्ते और तालाब के मूल रूप से किसी भी शर्त पर छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता है लेकिन प्लांट प्रबंधन द्वारा ना केवल वर्षों पुरानी सड़क पे अवैध कब्जा किया जा रहा है बल्कि तालाब और एनीकेट की पाटने के मामले भी सामने आ रहे है।

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